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वक्त बदल जाता है जिंदगी के साथजिंदगी बदल जाती है वक्त के साथ
वक्त नहीं बदलता दोस्तों के साथबस दोस्त बदल जाते हैं वक्त के साथ…


अपनी तक़दीर में तो कुछ ऐसा ही सिलसिला लिखा है,किसी ने वक़्त गुजारने के लिए अपना बनाया,तो किसी ने अपना बना कर वक़्त गुज़ार लिया……..


कोन किसका रकीब (enemy) होता है,कोन किसका हबीब (friend) होता हैबन जाते रिश्ते -नाते जहाजिसका नसीब होता है|


छू ले आसमान ज़मीन की तलाश ना कर,जी ले ज़िंदगी खुशी की तलाश ना कर,तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त,मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर.



ज़िंदगी में अगर तुम अकेले हो तो प्यार करना सिख़लो,और प्यार कर लिया हैं तो इज़हार करने भी सिख़लो.अगर इज़हार करना नही सीखा तो,ज़िंदगी भर प्यार के यादों में रोना सिख़लो….



ज़िंदगी में बार बार सहारा नही मिलता,बार बार कोई प्यार से प्यारा नही मिलता,है जो पास उसे संभाल के रखना,खो कर वो फिर कभी दुबारा नही मिलता…


खूबसूरत है वो लब……जिन पर,दूसरों के लिए कोई दुआ आ जाए!!
खूबसूरत है वो दिल जो किसी के,दुख मे शामिल हो जाए !



कर्म तेरे अच्छे हे तोकिस्मत तेरी दासी है!
नियत तेरी अच्छी है तोघर तेरा मथुरा कशी है!


टूटे हुए प्याले में जाम नहीं आता
इश्क़ में मरीज को आराम नहीं आता
ये बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये सोच तो लिया होता
के टुटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता ……..



वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी…मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी…उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना…वो नादान है यारो… अपना हाथ जला लेगी.


मोहब्बत का नतीजा,दुनिया में हमने बुरा देखा,जिन्हे दावा था वफ़ा का,उन्हें भी हमने बेवफा देखा.


फूल सबनम में डूब जाते है,झख्म मरहम में डूब जाते है |जब आते है खत तेरे, हम तेरे गम में डूब जाते है.|



वक्त नूर को बेनूर कर देता है,छोटे से जख्म को नासूर कर देता है,कौन चाहता है अपने से दूर होना,लेकिन वक्त सबको मजबूर कर देता है !



जिंदगी हे सफर का सील सिला,कोइ मिल गया कोइ बिछड़ गया,जिन्हे माँगा था दिन रत दुआ ओमे,वो बिना मांगे किसी और को मिल गया.


ना सोचा था जिनके लिए हम मर मिटे,एक दिन वही हमसे दूर हो जाएँगे,जीने की तमन्ना तो हम भी रखते थे,अब तेरे बिना कैसे जी पाएगे…


आँखों मे आ जाते है आँसू,फिर भी लबो पे हसी रखनी पड़ती है,ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो,जिस से करते है उसीसे छुपानी पड़ती है…



रोती हुई आँखो मे इंतेज़ार होता है,ना चाहते हुए भी प्यार होता है,क्यू देखते है हम वो सपने,जिनके टूटने पर भी उनके सच होनेका इंतेज़ार होता है?…..



तेरे साथ कितनी हसीन थी ज़िंदगीअब तेरे बिना बस सज़ा है ज़िंदगीतेरे साथ कितने मज़े में थी ज़िंदगीअब तेरे बिना बड़ी बेमज़ा है ज़िंदगी


कभी तूने ही संवारी थी मेरी ज़िंदगीफिर क्यों तूने उज़ाड़ दी मेरी ज़िंदगीमैने हमेशा खुदा देखा तुझमेंक्यों खुदा ने बिगाड़ दी मेरी ज़िंदगी


दुनिया मे बेवफाओ की कमी नही अब सूरज को देख लोआता है उशा के साथरहता है किरण के साथऔर जाता है संधया के साथ….



आज हम उनको बेवफा बताकर आए है!उनके खतो को पानी में बहाकर आए है .कोई निकाल न ले उन्हें पानी से…इस लिए पानी में भी आग लगा कर आए है !


याद तेरी आती है क्यो.यू तड़पाती है क्यो?दूर हे जब जाना था.. फिर रूलाती है क्यो?दर्द हुआ है ऐसे, जले पे नमक जैसे.खुद को भी जानता नही, तुझे भूलाऊ कैसे?

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